ग्रेफाइट पेपर मुख्य रूप से कार्बन परमाणु कय एक स्तरित संरचना से बना होत है। इसका घनत्व कम है (आमतौर पर 0.7-2.0 ग्राम / सेम ८), बनता है नरम फिर भी यांत्रिक रूप से मजबूत है। इसक थर्मल चालकता 1000-3000 W/(m·K) तक पहुंच सकती है, धातु के तांबे के पास आ रही है। यहिमा बहुतै बढ़िया रासायनिक स्थिरता अउर अम्ल अउर क्षार जंग के प्रतिरोध होत है। यद्यपि इन विशेषताओं का रसद के दौरान भी विशेष ध्यान देय के जरूरत होत है:
1. यांत्रिक नुकसान का नाजुकता और जोखिम
यद्यपि ग्रेफाइट पेपर अपेक्षाकृत लचीला है, लेकिन एकर स्तरित संरचना गंभीर झुकाव, तह या निचोड़ के अधीन जब गंभीर झुकाव या दरार के लिए संवेदनशील बना देत है। यहिसे परिवहन के समय गंभीर कंपन, भारी दबाव, या अनुचित ढेर से बचब जरूरी है। ग्रेफाइट पेपर आमतौर पर कुशनिंग सामग्री (जैसे बुलबुला रैप या ईपीई फोम) के साथ संरक्षित है और मजबूत पैकेजिंग म सुरक्षित है।
2. इलेक्ट्रोस्टैटिक संवेदनशीलता
ग्रेफाइट पेपर मा विद्युत चालकता ज्यादा होत है, लेकिन सूखे वातावरण मा घर्षण से स्थिर बिजली जमा होइ सकत है, यहिके प्रदर्शन का प्रभावित करत है या धूल आकर्षित करत है। यहिसे, पैकेजिंग के दौरान एंटी -स्थानीय माप लिया जाय, जइसे कि एंटी {{2}स्टेटिक बैग या लाइनिंग सामग्री का उपयोग, अउर परिवहन के दौरान आर्द्रता नियंत्रण (संपादक आर्द्रता 40% से 60%) के लिए बनाए रखै के सिफारिश कीन जात है।
3. पर्यावरण अनुकूलनशीलता
यद्यपि ग्रेफाइट पेपर जंग - प्रतिरोधी है, अत्यधिक तापमान (जैसे 200 डिग्री से ऊपर या -40 डिग्री से नीचे लंबे समय तक संपर्क मा आवै) संरचनात्मक परिवर्तन का कारण बन सकत है, जेहिसे एकर थर्मल अउर विद्युत चालकता प्रभावित होत है। यहिसे परिवहन के समय उच्च तापमान से बचै का चाही, अउर लगातार तापमान (10 डिग्री अउर 30 डिग्री के बीच अनुचित ) का रखरखाव कीन जाय। खास तौर से गर्मी के तापमान मा ज्यादा तापमान मा इन्सुलेशन या रेफ्रिजरेशन का काम करै का चाही।
